
UP Board APAAR ID 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए APAAR ID बनवाने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने स्कूलों से कहा है कि वे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को APAAR ID बनाने में सहयोग करें और उपलब्ध APAAR ID को संबंधित पंजीकरण एवं परीक्षा आवेदन पत्रों में दर्ज करें।
यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से की जा रही है। APAAR ID के माध्यम से विद्यार्थियों की मार्कशीट, प्रमाणपत्र, ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC), अकादमिक क्रेडिट और अन्य शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ा जा सकेगा।
क्या है APAAR ID?
APAAR का पूरा नाम Automated Permanent Academic Account Registry है। यह विद्यार्थियों के लिए एक 12 अंकों की स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान (Digital Academic ID) है।
इसे केंद्र सरकार की “One Nation, One Student ID” पहल के तहत विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थी के स्कूल से लेकर आगे की उच्च शिक्षा तक के शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक डिजिटल पहचान से जोड़ना है।
APAAR ID बनने के बाद विद्यार्थी के शैक्षणिक रिकॉर्ड को अलग-अलग संस्थानों में पहचानने और आवश्यकता पड़ने पर डिजिटल रूप से एक्सेस करने में सुविधा हो सकती है।
UP Board ने Classes 9 से 12 के लिए क्या कहा?
UP Board ने स्कूलों को निर्देशित किया है कि कक्षा 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों की APAAR ID बनवाने में सहयोग किया जाए।
वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार:
| कक्षा | APAAR ID दर्ज करने की प्रक्रिया |
|---|---|
| कक्षा 9 | Advance Registration के दौरान |
| कक्षा 10 | Examination Application Form के दौरान |
| कक्षा 11 | Advance Registration के दौरान |
| कक्षा 12 | Examination Application Form के दौरान |
बोर्ड का लक्ष्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों की APAAR ID को रिकॉर्ड में शामिल करना है। स्कूलों से कहा गया है कि वे विद्यार्थियों और अभिभावकों को पूरी जानकारी और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं।
क्या APAAR ID बनाना अनिवार्य है?
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।
फिलहाल UP Board के अनुसार APAAR ID की जानकारी देना कक्षा 9 से 12 के Advance Registration या Examination Application Form को पूरा करने के लिए अनिवार्य नहीं है।
यदि किसी विद्यार्थी के पास अभी APAAR ID नहीं है, तो केवल APAAR ID न होने के कारण उसका registration या examination application रोकने की बात नहीं कही गई है।
हालांकि, UP Board ने स्कूलों, प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों से विद्यार्थियों के हित में APAAR ID बनवाने और उसे संबंधित रिकॉर्ड में दर्ज कराने का अनुरोध किया है।
APAAR ID से विद्यार्थियों को क्या फायदा होगा?
APAAR ID का सबसे बड़ा फायदा यह है कि विद्यार्थी के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
इसके प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं:
1. Academic Records डिजिटल रूप से सुरक्षित
विद्यार्थियों की मार्कशीट, प्रमाणपत्र, TC और अन्य शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
2. DigiLocker से रिकॉर्ड एक्सेस
APAAR ID के माध्यम से उपलब्ध शैक्षणिक दस्तावेज DigiLocker के डिजिटल इकोसिस्टम में उपलब्ध हो सकते हैं। इससे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना आसान हो सकता है।
3. दस्तावेज खोने का खतरा कम
कागजी मार्कशीट या प्रमाणपत्र खो जाने अथवा खराब होने की स्थिति में डिजिटल रिकॉर्ड काफी उपयोगी हो सकते हैं।
4. Academic Credits को जोड़ने में सुविधा
APAAR का उद्देश्य विद्यार्थी के academic credits और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों को एक डिजिटल पहचान से जोड़ना है।
5. Scholarship और Educational Schemes में सहायता
सत्यापित और व्यवस्थित विद्यार्थी रिकॉर्ड का उपयोग scholarships, welfare schemes और अन्य शिक्षा संबंधी सुविधाओं तक पहुंच को आसान बनाने में किया जा सकता है।
APAAR ID कैसे बनाई जाएगी?
APAAR ID बनाने की प्रक्रिया में विद्यार्थी की पहचान और शैक्षणिक जानकारी का सही होना जरूरी है। आधिकारिक APAAR पोर्टल के अनुसार ID generation के लिए UDISE+ Student Identifier/PEN, विद्यार्थी का नाम, जन्म तिथि, लिंग, मोबाइल नंबर, माता-पिता के नाम तथा Aadhaar से संबंधित विवरण जैसी जानकारी आवश्यक हो सकती है। APAAR ID बनने के बाद यह विद्यार्थी के DigiLocker account में उपलब्ध कराई जाती है।
स्कूल इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों और अभिभावकों को आवश्यक मार्गदर्शन दे सकते हैं।
APAAR ID बनाने के लिए Parental Consent जरूरी
नाबालिग विद्यार्थियों के लिए APAAR ID बनाने की प्रक्रिया में माता-पिता/अभिभावक की सहमति महत्वपूर्ण है। UP Board ने भी स्कूलों और अभिभावकों से APAAR ID creation की प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा है।
इसलिए विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्कूल द्वारा मांगी गई जानकारी सही-सही उपलब्ध करानी चाहिए।
स्कूलों को क्या करना होगा?
UP Board के निर्देश के बाद स्कूलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। स्कूलों से मुख्य रूप से निम्न कार्य करने की अपेक्षा की गई है:
- कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को APAAR ID के बारे में जानकारी देना।
- अभिभावकों को APAAR ID बनाने की प्रक्रिया में सहयोग करना।
- विद्यार्थियों की APAAR ID तैयार करवाना।
- उपलब्ध APAAR ID को संबंधित registration/examination records में दर्ज करना।
- विद्यार्थी के नाम, जन्म तिथि और अन्य रिकॉर्ड में किसी गलती की स्थिति में जानकारी को सावधानी से जांचना।
- Advance Registration और Examination Form की प्रक्रिया पूरी होने से पहले उपलब्ध APAAR IDs को रिकॉर्ड में शामिल करने का प्रयास करना।
Board officials ने schools को अधिकतम विद्यार्थियों की APAAR ID दर्ज कराने की दिशा में काम करने को कहा है।
विद्यार्थियों को अभी क्या करना चाहिए?
कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले अपने स्कूल/प्रधानाचार्य से संपर्क करके APAAR ID की स्थिति की जानकारी लें।
यदि APAAR ID अभी नहीं बनी है, तो स्कूल से पूछें कि इसे बनाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज और जानकारी चाहिए।
APAAR ID बनने के बाद विद्यार्थी DigiLocker के Issued Documents section में अपनी digital APAAR ID card की उपलब्धता देख सकता है। आधिकारिक APAAR जानकारी के अनुसार स्कूल/UDISE+ के माध्यम से भी APAAR generation status check किया जा सकता है।
क्या APAAR ID न होने पर UP Board Exam रुक जाएगा?
नहीं, वर्तमान निर्देशों के अनुसार केवल APAAR ID उपलब्ध न होने के कारण UP Board registration या examination application को रोकने की बात नहीं कही गई है।
Board Secretary Bhagwati Singh ने स्पष्ट किया है कि registration और examination application में APAAR ID की जानकारी देना फिलहाल mandatory नहीं है। हालांकि, Board विद्यार्थियों के डिजिटल academic records को सुरक्षित रखने के लिए APAAR ID बनवाने पर जोर दे रहा है।
इसलिए विद्यार्थियों को इसे लेकर परेशान होने के बजाय समय रहते अपने स्कूल से संपर्क करके APAAR ID बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर लेना बेहतर है।
UP Board की इस पहल का उद्देश्य क्या है?
UP Board की यह पहल शिक्षा व्यवस्था को अधिक digital, transparent और organised बनाने की दिशा में एक कदम है।
APAAR के माध्यम से विद्यार्थी की शैक्षणिक पहचान को लंबे समय तक बनाए रखने और अलग-अलग educational institutions में academic records को आसानी से जोड़ने का उद्देश्य है।
भविष्य में विद्यार्थी के स्कूल रिकॉर्ड, marksheets, certificates, academic credits और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों को एक डिजिटल पहचान के साथ जोड़ना आसान हो सकता है।
निष्कर्ष
UP Board ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए APAAR ID बनवाने और उसे registration एवं examination records में दर्ज कराने के लिए स्कूलों को प्रोत्साहित किया है।
APAAR ID एक 12-digit permanent digital academic identity है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित और व्यवस्थित डिजिटल रूप में उपलब्ध कराना है।
हालांकि, वर्तमान में APAAR ID होना UP Board के registration या examination application के लिए अनिवार्य नहीं है। फिर भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्कूल के सहयोग से APAAR ID बनवा लेना चाहिए, ताकि भविष्य में digital academic records और अन्य शिक्षा संबंधी सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी हो सके।
Important Links
Official APAAR Portal: APAAR Official Website
UP Board Official Website: UPMSP Official Website